"हत्या"
हत्या का सिलसिला कुछ इस कदर बढा है,
हर बार शरीर मरे ऐसा किसने कहा है?,
कभी कभी सपनों का भी दहन होता है,
कभी कभी इच्छाऐं चिखती चिल्लाती है,
हर बार हत्या की रीत नई सामने आती है,
हर बार रिश्तों कि दुहाई देते हैं,
ये कोनसी रीत है जिससे आत्मा को मारते हैं,?
दुनिया कि नजरों में मेहफूज दिखते रिश्ते,
अक्सर रात के अंधेरे में मरते होते है,
फिर भी लोग कहते है कि हम कहां हत्या करते हैं!...
हेमांगी-
15 MAY 2020 AT 16:28