हर रोज में तुजसे मिलती हूं,बाते करती हूं,
पर वो ख्वाब कैसा है !
जो मूजे तुमसें हर रोज कटा कटा सा रखता है.
हेमांगी-
16 JUN 2021 AT 17:26
हर रोज में तुजसे मिलती हूं,बाते करती हूं,
पर वो ख्वाब कैसा है !
जो मूजे तुमसें हर रोज कटा कटा सा रखता है.
हेमांगी-