24 SEP 2021 AT 19:42

हर एक काया की परछाइ होती है,
जो साथ हो कर भी स्वतंत्र होती है,
मैंने उस परछाइ से इश़्क किया है ,
जो रूह से जुडी़ हुई है.|
हेमांगी

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