12 JUN 2020 AT 16:17

हमारे दरमियाँ.
कुछ तो बात थी, है ओर रहेगी हम दोनों के दरमियाँ,
जो हम ऐक दूजे से जूडे थे, है ओर रहेंगे हर हाल मे.
तेरी यादों का लिबास पहना है मेने,
आ देख जरा कितना निखरता है हर अंग उस लिबास में मेरा.

तेरे इश्क़ की महेंदी रचीं है हाथों में मेरे,
ओर रंग उसका चढता है मेरे मुखडे पे.

हर रात सजाऐ महेफिल बेठती हूं चांद तारों से,
ओर तु मिलने आता है मुझे ख्वाबो से.

मेरी मन की मिट्टी पे अब तेरी ही बारिश हो रही है,
ओर तु महक उठता है मेरे हर अलफाज से.

वो रिश्ता अब रहे ना रहे हमारे दरमियाँ,
पर तुं बसा रहेगा मेरी शाही की हर बूंद मे,
जिससे सजाती रहूंगी तेरी मुहोब्बत को हर ऐक अलफाज मे.
हेमांगी

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