29 JUN 2020 AT 7:30

हमारा प्यार
कुछ ख्वाहिशे चाहकर भी पूरी नहीं होती,
ओर कुछ कहानियां किताबों के पन्नों में सिमटकर रह जाती है,

हम वो दो किनारे जेसे थे,
जो साथ साथ चलते तो हैं पर कहीं मिल नहीं पाते,

हम रेगिस्तान में दिखाई दे जो मृगजल जेसे थे,
जो सिर्फ दिखाई देता है पर प्यास नहीं बूझा पाता.

हमारा प्यार वो प्यासे रहे इन्सान जेसा है,
जो नदी तक जा कर भी प्यासा रह जाता है.
हेमांगी







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