हां
मुजे इश़्क है,
तेरी सोच से,तेरे एहसास से,
तेरी रूह से, तेरे खयालो से,
मुझे वो सारी बाते अच्छी लगती है जो तुज से जूडी हुई होती है,
ये दिन की धूप भी मुझे तेरा ही एहसास कराती है,
लगता है मुझे एसा की जेसे मेरा माथा चुम रही है,
ये रात की ठंडी हवा भी तुज सी ही है,
जो आते जाते मेरे कान में कुछ गुनगुना रही है,
यहां तक की ये कमरे की खामोशी में भी तेरी ही हसी गूंज रही है,
तुम नही हो मेरे पास फिर भी मुझे इश़्क है,
तेरी हर एक यादो से जिसका हर रास्ता मुझ से ही मिलता है.
हेमांगी-
15 JUN 2021 AT 15:59