गुमशुदा रास्तों पर
अक्सर खुद को पाना हो,
खुद से रूबरू होना हो,
तो चल दो गुमशुदा रास्तों पर.
वक्त के बवंडर मे फसें हो,
जब साथ में कोई ना हो तो,
ना आगे बढ़ सकते हो,
ना पीछे जा सकते हो,
तो चल दो गुमशुदा रास्तों पर.
हेमांगी
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26 MAY 2020 AT 16:18
गुमशुदा रास्तों पर
अक्सर खुद को पाना हो,
खुद से रूबरू होना हो,
तो चल दो गुमशुदा रास्तों पर.
वक्त के बवंडर मे फसें हो,
जब साथ में कोई ना हो तो,
ना आगे बढ़ सकते हो,
ना पीछे जा सकते हो,
तो चल दो गुमशुदा रास्तों पर.
हेमांगी
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