एक उम्र बीत गई खुद को आइने में देखे
आज आइने में खुद को देखा तो आइना भी रो दिया
"ये तु है? या कोइ और! "
जो कल तक थी हिरनी जेसी,वो आज बेजान बन गई
जो कल तक सजती सवरती थी,वो आज नीरस बन गई
बिखरे बिखरे बाल,जो कल तक उलझी रहती थी लटे गालो पे
वो कहीं खो गई
जिम्मेदारी की दौड मे, ऐक बेटी मां से पीछे रेह गई
हेमांगी-
8 JUL 2020 AT 7:56