4 NOV 2021 AT 0:16

एक ख्वाब,
एक तुम,
आधे अधूरे किस्से,
अलग अलग से हिस्से,
फिर भी कहीं से,
लगते पूरे पूरे दिल के हिस्से.
हेमांगी

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