एक छोटा सा दर्द मेरे पास आया,
मैं ने उसे प्यार से सहलाया,
यहां वहां बहोत कुछ ढूंढा,
फिर काग़ज पर जा कर सूलाया,
एक ठंड सी फैल गई उस दर्द के सिने में,
सिसकीयां भी बहोत ले रहा था,
न जाने मुझसे कुछ केह रहा था,
रात भर वो रोता रहा काग़ज पर,
ना वो सोया, ना हम,
आधे अधूरे रह कर भी पूरे है हम.
हेमांगी-
5 JAN 2022 AT 22:10