एक बूंद तेरे इश़्क की जब कागज़ पर सजाती हूं,महेफिल में खूशबुं सी फैल जाती है.हेमांगी -
एक बूंद तेरे इश़्क की जब कागज़ पर सजाती हूं,महेफिल में खूशबुं सी फैल जाती है.हेमांगी
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