दर्द को मैंने कुछ इस तरह सजाया है,की काग़ज भी अब एक अरसे से सोया ही नहीं.हेमांगी -
दर्द को मैंने कुछ इस तरह सजाया है,की काग़ज भी अब एक अरसे से सोया ही नहीं.हेमांगी
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