1 JUN 2021 AT 0:04

धुँआ हो जाओगे.
दिल में कोई बात है,
चुभन है,
शिकवे है या फिर शिकायते,
जो भी है उसे बोल दो,
लफ्जो़ में बयां कर दिया करो,
ना ही ये सूजाव है या समाधांन,
धुँआ उडा़ये भला किसका भला हुआ है!
ये तलब एक दिन इतनी बढेगी!
जो तुम्हारी हस्ती कों धुँआ बनाकर से जायेगी.
हेमांगी

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