चाँद के आईने में.
चाँद के आईने में मैंने तुजें देखा,
तू दूर है फिर भी मेरें पास लगती हो,
जेसें कोई चांदनी सी सजती हो,
यादों की सिलवटो में से तेरी खूश्बूं महकती है,
आँखों में तेरी तस्वीर सज़ती है,
चाँद का आईना दिन चढ़तें ही ढल जाता है,
हज़ारों अरमान दिल में सजाकर दिन बन जाता है,
चाँद के आईनें में तु ही तु दिखती है.
हेमांगी-
10 MAR 2021 AT 23:50