बहुत कुछ है.
वक्त ठहर गया है,
साथ साथ हम भी रुक से गए है,
वो अनकही बातें भी कहीं ठहर सी गई है,
बहुत कुछ है तुम्हें बताने को,जताने को,
पर अब वो वक्त नहीं हाले दिल मे बसाने को,
हम तो उस मोड पर ही ठहर से गए थे,
जहां तुमनें हमे इन्तज़ार करनेको कहां था,
एक ज़माना बीत गया तुम्हारे दिदार को,
आज भी हाथों में तेरे हाथ की छुअन को महसूस करते है,
तुम ही आगे बढ़ गए मुस्कुराते मुस्कुराते
आधे राश्ते ओर ज़िंदगी मे हमें अकेले जीने को.
बहुत कुछ है सिने मे दफन,
अब उसे दफन ही रहने दो,
जीना अब सीख लीया है तुम बिन,
बस अब हमें तन्हा जीने दो.
हेमांगी-
8 JUL 2020 AT 12:15