ऐक जिस्म क्या क्या छिपाऐ बैठा है,होठों पर मुस्कान ओर दिल में तुफान लिऐं बैठा है.हेमांगी -
ऐक जिस्म क्या क्या छिपाऐ बैठा है,होठों पर मुस्कान ओर दिल में तुफान लिऐं बैठा है.हेमांगी
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