ऐ इश्क.
ऐ इश्क तु तो है बडा ही मजेदार,
करवाता है प्रेमीओ को बहुत इन्तज़ार,
लोगों की नजरों से छिप छिप के मिलते है बार बार,
फिर भी दिल को सूकुन ना मिले हर बार,
घर वालों से बगावत करवाता है, कभी कभी तो जूठ भी बुलवा देता है,
सबकुछ हसीन लगता है,
ना रातों को निंद ओर दिन मे चैन मिलता है,
किसीके नाम पे दिल थम सा जाता है,
होठों पर नाम उसीका ही बसता है,
बरसात भी तब तो प्यारी लगती है,
ओर हर दिन दिवाली बनती है,
ऐ प्यारे इश्क,
तु इतना प्यारा है कि तेरे नाम से ही इश्क हो जाता है.
हेमांगी
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14 JUL 2020 AT 18:07