ऐ दिल.
ऐ दिल तु कितना छोटू सा है,
पर तेरे अंदर छिपाने को तो पूरा जमाना है,
कितना कुछ तु रखता है अपने हर एक कोनो मे,
कहीं बिखरे अरमान मिले,
तो कहीं अधूरी ख्वाहिश मिली
कहीं सिसकियाँ लेती अधूरी प्रेम कहांनि मिली,
जमाना वो दिखता है जो ये आंखें दिखाती है,
दिल के खालीपन की बातें यहां कहा समजमें आती है!
ए दिल इतना मत तु खोया खोया रहे,
तूटे अरमानों का बोझ किसीके सामने खोल दे.
हेमांगी-
19 JUL 2020 AT 16:15