23 JUL 2020 AT 16:02

ऐ अलफाज़ है,
इसे अलफाज़ तक ही सीमित रहने दो,
जितना ज्यादा इसे समजने जाओगे,
उतना ही इश्क़ कर जाओगे.
हेमांगी

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