ऐ अलफाज़ है,इसे अलफाज़ तक ही सीमित रहने दो,जितना ज्यादा इसे समजने जाओगे,उतना ही इश्क़ कर जाओगे.हेमांगी -
ऐ अलफाज़ है,इसे अलफाज़ तक ही सीमित रहने दो,जितना ज्यादा इसे समजने जाओगे,उतना ही इश्क़ कर जाओगे.हेमांगी
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