आज भी "वो" शाम ढूंढती हूं,जब कभी तुमने कहां था की " चाय पे मिलते है"!हेमांगी -
आज भी "वो" शाम ढूंढती हूं,जब कभी तुमने कहां था की " चाय पे मिलते है"!हेमांगी
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