आज भी औरतों को कुछ लोग कम दिमाग़ वाली,ना समज़ मानते है.क्या औरत सिर्फ घर के कोनों मे पड़ी हुई कोई वस्तु है! या घर का कोई कोना!जो मकान को घर बनाती है उसे क्या सच में कुछ समज नहीं आता होगा!घर के किसी भी disition में उसे क्युं कुछ बोलनें का मौका नहीं मिलता!कुछ बाते भावनाओ से झूड़ी हुई होती है.हर बार औरत गलत हो ये सोच ही गलत है.
हेमांगी-
21 OCT 2021 AT 22:55