आदत सी हो जाती हैं,
बार बार वो ही यादों कि गलीओ मैं घूमने की,
जहां बिताया था वो अनमोल बचपन,
दोस्ती निभाने के चक्कर में खाई थी गालियां,
छोटीसी बात पे होती थी जहां पार्टियां,
बहुत याद आते हैं वो दोस्त,
जो वक्त के समुद्र में कहीं खो गए हैं,
बस रहे गई उनकी यादें.
हेमांगी
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10 APR 2020 AT 22:56