ज़िगर ए मुफलिसी का थाम के देखो
गरीबों की अमीरी को पहचान के देखो
बुझे चरागों में हैं रोशनी अब भी
इस चराग से अपना चराग जाला के देखो
ऊंचे ओहदे ओ बेतहाँ रुतबे
कभी ग़रीबी को करीबी से आज़मा के देखो
- DB🅰️rymoulik
31 OCT 2019 AT 7:53
ज़िगर ए मुफलिसी का थाम के देखो
गरीबों की अमीरी को पहचान के देखो
बुझे चरागों में हैं रोशनी अब भी
इस चराग से अपना चराग जाला के देखो
ऊंचे ओहदे ओ बेतहाँ रुतबे
कभी ग़रीबी को करीबी से आज़मा के देखो
- DB🅰️rymoulik