27 NOV 2019 AT 20:22

हर रोज़ नुमाइशें ख्वाबों की हम लगाते हैं.. !
फिर भी
ख़्वाब तिरे -मिरे इक दूजे के ना हो पाते हैं.. !!

- DB🅰️rymoulik