Chandrashekhar Mishra   (aazad_voice)
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Joined 14 April 2018


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Joined 14 April 2018
7 MAR 2023 AT 16:18

यह होली मेरे लिए कुछ खास नहीं जिसे रंगना है वो पास होकर के भी मेरे पास नहीं।

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10 DEC 2022 AT 0:34

एक दिन सब कुछ बदल जाएगा, (लोग, वो यादें, उनका व्यवहार, उसकी बातें) सब कुछ ।

रह जाएगा तो सिर्फ एक शून्यता जो तुमको अंदर ही अंदर झकझोरती रहेगी ।

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14 AUG 2022 AT 16:09

Manage your social life this way;

• Learn to say no
• Cut off toxic people
• Be mean with your time
• Communicate with empathy
• Switch off your phone before bed
• Audit your inner circle (make genuine friends)

Whatever controls your mind, replicate your life.

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17 DEC 2021 AT 23:13

Just surround yourself with people who love you and support you because that is the most important thing,because it doesn't matter what everyone else says,they don't know you.

You come back to the people who know you and love you and that is everything.

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22 NOV 2021 AT 12:22

हम सब ऐसे जीवन जीते हैं जैसे मानो कभी मरेंगे ही नहीं, भूल जाते हैं कि अपना कितना समय हम यूं ही गवा चुके हैं । हमें लगता है हमारा समय कभी पूरा ही नहीं होगा, हम अपने लिए अधिक समय की चाहत तो रखते हैं लेकिन साथ ही साथ उस समय को नष्ट भी करते रहते हैं, मृत्यु के बारे में सोच कर हम उसे केंद्रित करने की कोशिश करते हैं ।

यह जीवन एक आशीर्वाद है जिसके अपूर्ण समय को हमारी व्याकुलता चुरा लेती है। हम फिजूल में मोबाइल फोन और डिजिटल की दुनिया में भटकते रहते हैं और हमारे हाथ से बहुमूल्य समय तेजी से फिसल रहा होता है , ध्यान भंग करने वाले यह यंत्र हमारा समय नहीं लौटा पाएंगे।

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28 AUG 2020 AT 10:38

Cut down this 4 things immediately...

1)Toxic social media
2)Toxic people
3) Toxic food
4) Your Toxic expectations

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14 FEB 2020 AT 11:37

आप सभी के बलिदान को शत-शत नमन एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

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28 JAN 2020 AT 23:24

मैं रोज तुम्हारा इंतजार करता हूं,
कहीं अकेलेपन में बैठकर मैंने सारा एहसास तुम्हें लिखा है,
इस उम्मीद में कि एक दिन तुम उसे पढ़ोगी, फिर भी बहुत कुछ अनकहा रह गया क्योंकि कुछ बातें कही नहीं जाती सिर्फ महसूस की जाती है।

The forgotten...

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22 JAN 2020 AT 23:19

दुनिया में कितना गम हैं..
मेरा गम कितना कम है ..

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22 JAN 2020 AT 11:20

क़ब्रों पर यहां ताज़महल है साहब...
औऱ टूटी छत को ज़िंदगी तरसती है...!!!

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