Chandrakant Deshmukh   (Chandrakant Deshmukh)
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Joined 24 May 2018


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Joined 24 May 2018
8 OCT 2022 AT 0:47

तुम आए तो जीवन में करार आया,
तुम आये तो साथ बहार आया,
जीवन बना बसंत, हर तरफ उमंग फैलाया,
तुम आये तो मन ने सुकून, दिल ने प्रेम बरसाया,
रहो हमेशा साथ, यूहीं चले संग जिंदगी,
होती रहे मोहब्बत की बारिशें,
जीवन मे रहे खुशियों का बादल छाया||

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4 JUL 2021 AT 10:05

Meri ishq ki nadiya ab tujhase hi bahti hai,
Meri muskan ab tujhse hi nikharti hai.
Din ab chahchahati hai,
ratein sukun pahuchati hai,
Meri zindagi ki gaadi ab
tere sang hi safar pe nikalti hai...

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3 JUL 2021 AT 22:59

Ye aakhen jab bhi tera didar karti hai,
bina bole tujhse batein hazar karti hai.
takti rahti hai tumko hi qunki,
ye nadan bas tumse hi mohabbat karti hai.

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16 MAY 2021 AT 10:56

Teri ye kaali ghata si zulfein jab lahrati hai mere dil me tufan laati hai,

Kya kahu e zahe-nasiib teri har ek adaa mujhe diwaana bana jati hai ||

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7 MAR 2021 AT 22:38

भटकते हुए राही को जैसे मंजिल मिल गई हो!
दरिया में ढुंढते नाविक को जैसे साहिल मिल गई हो!
बगिया में खिलें फूलों को जैसे उनकी खुशबू मिल गई हो!
तुझ संग ऐसी खिली जिंदगी मेरी जैसे इसे इसकी जिंदगी मिल गई हो!

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10 FEB 2021 AT 18:14

कि मै साफ नदी सा हूँ,
या तुमको प्रदुषित नदी का
फिलटर पानी ही पसंद है!!!

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2 FEB 2021 AT 14:56

in which the whole world
of two lovers lives

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2 FEB 2021 AT 12:37

दो अनजाने चले साथ जिंदगी बिताने!
दोनों मिले हुईं कुछ गुपचुप बातें,
बातों का सिलसिला हुआ कामयाब,
दोनों ही के दिल ने किया इश्क़-ए-इज़हार,
चलती थी लम्बी बातें,खोएं रहते दोनों एक दूजे में,
कभी किस्से पूराने सुनाते,कभी ख़्वाब नये साथ सजाते,
दिन यूँ ही गुजरती रहता संध्या का इंतज़ार,
खो जाते फिर बातों मे,बुनते नऐ जीवन का तान-बाना,
खुश है बेहद,करते याद खुदा को, कि तूने हमें मिलाया है,
मागते आशीष कि रखना रहमत,नीरोग रहे जो संसार हमने बसाया है

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26 JAN 2021 AT 20:04

चलो पिरोवो सभी ख़्वाहिशें अपनी,
मै पूरा करने उसका धागा बन जाऊँगा।
कहो कहाँ है खुशियाँ तुम्हारी,
मै तुझ तक पहुचने उसका ज़रिया बन जाऊँगा।
मांगो कभी मन्नत तब रखना विश्वास,
मै अंजाम देने उसका फरिस्ता बन जाऊँगा।
न खोना कभी मुस्कान अपनी,
मै विदूषक बन हमेशा तुझे हंसाऊंगा।
जब हो अंधेरा न घबराना कभी,
मै बन सूर्य हमेशा उसे मिटाऊंगा।
तू है हिम्मत मेरी,रखना सहेजे इसे,
जो रहे तू साथ मै हर मुश्किल दूर भगाऊंगा।

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7 JAN 2021 AT 9:25

तुम चांद बन चमको क्षितिज मे,
तुझे निखारने मैं अंधेरा हो जाऊँ।
तू खुशबू बन फैले फिजाओं मे,
मैं तेरे लिए अपनी बगिया सजाऊँ।
सदा मुस्कान छाईं रहे चेहरे पर तुम्हारी,
इस मुस्कान की मै वजह बन जाऊँ।
नज़र न लगे तुझे ज़माने की,
चाहिए तो मै तेरा काजल बन जाऊँ।।

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