प्रति,
बिट्टू की ममा।
पाए लागू ममा।
ममा ! उम्मीद है आप कुशल से है। जानता हूं वहां भी ढेर सारे काम और सबको संभालने में आप थक जाती होंगी। मुश्किल से अपना वक्त निकालती होंगी। कम वक्त और जगह में सब बात मुमकिन नहीं है।
में भी यहां ठीक ही हूं। काफी लंबा वक्त हो गुजरा है, आपकी न कोई खबर न ही कोई बात मिली है, तो ये खत आपको लिख रहा हूं। ममा, वैसे जानता ही हूं की आपने हमेशा बिट्टू का खयाल किया है, जब भी बिट्टू ने आपको याद किया है आपने खयाल रखा है। जब भी आपने बिट्टू का खयाल किया है आपके पास ही होने एहसास हुआ है। जैसे की आप हमेशा कहती है,"में हमेशा तुम्हारे पास ही हूं बेटा!"।
हां कभी कभी काम से देर हो जाए तो सिर्फ दूध पी कर सो जाता हूं और वहां जाने को देर हो तो, कच्चे मूंग साथ ले जाता हूं। अपना ख्याल रख रहा हूं। आप जरा फिक्र न करना बीमार नहीं हो रहा।
ज्यादा तो कुछ नहीं कहना है, पर सच कहूं तो वक्त इतना बीत चुका है की घर का पता और रास्ता दोनों भूल गया हूं, बस आपके होने का एहसास ही मेरा घर है। ये तो कभी न सोचना की बिट्टू आपसे नाराज है, आप जब भी पुकारेंगी या याद करेंगी, बिट्टू आपके चरणों में नतमस्तक हो जाएगा। वैसे भी, आप तो बिट्टू की ममा हो न! आप तो सब जान जाती हैं। अब मुजे जाना होगा, देरी हो रही है। बिट्टू आपसे बहोत प्यार करता है।
अपना आशीर्वाद बिट्टू पे बनाए रखना।
सादर और सप्रेम,
आपका बिट्टू।- बिट्टू श्री दार्शनिक
22 JUL 2022 AT 8:58