Bibhuti Kumar S   (Bibhuti)
16.4k Followers · 64 Following

Joined 25 March 2017


Joined 25 March 2017
Bibhuti Kumar S 2 HOURS AGO

इश्क़ की लपटें

उठने मत देना
सुना है, शब-ए-फ़िराक़ में आहें भरते भरते चाँद भी
विरह की अग्नि प्रतीत होता है...
अब राहें हमारी मिले या ना मिले ये बात अलग है
पर सुनो! तुमने इक राह दिखा दिया है
ज़िन्दगी की...
जहाँ तुम बहार-ए-चमन बनके सदा मेरे दिल में
रहोगी !!!

-


Bibhuti Kumar S 20 HOURS AGO

ये जो धुँआ देख रहे हो ना
ये उसके मन में महकती पवित्रता का फैलाव है,
इस गोधूलि बेला में वो दिव्य रूप को धारण करती है,
हॄदय में परमेश्वरी की छवी, चेहरे पर चंद्रमा की आभा,
नैनों में उसके निरुपम होने का साफ साफ झलक,
ऐसा मंज़र है, मानो घर की निर्जीव वस्तुओं में भी
प्राण ऊर्जा का प्रवाह हो रहा हो...
और वो उसके शब्दों और इशारों को हृदयंगम किये जा रहा है
करे भी क्यों ना, जीवनसंगिनी जो साक्षात
कला का स्वरूप है,
ये सिर्फ एक रिस्ता ही नही, अपितु एक बोध है
दो रूहों का मिलन से सृष्टि में एक अद्भुत घटना, एक
नव जीवन का आरम्भ !!!

-


Bibhuti Kumar S YESTERDAY AT 11:30

ये दूरी हमसे अब सहा
नही जाता, पर देखो मेरी
मनोदशा कुछ और ही है...
तुम्हारे एहसासों ने कुछ
इस कदर दिल को छुआ है,
शब्द मेरे ज़ज़्बातों में बदलकर
समंदर सा गहरा हुआ है जैसे,
सच! पहली बार ऐसा
हुआ है कि किसी को
पाने की ख्वाईश समपर्ण
में तब्दील हुई है..
अब तुम्हारी खुशी में ही
सुकून ढूंढ लेंगे,
बस इन आँखों को पढ़ना
ही अब मेरा शौक़ रह गया है...
सुनो! तुम ये नही जानते
कितना नाज़ुक ये दिल तुमसे मिलने
के बाद हुआ है !!!

-


Bibhuti Kumar S 12 JUL AT 10:07

Acceptance with introspection,
It's about self satisfaction, not perfection.





Patience, being consistent,
As it makes you excellent.




Gratitude with, selflessness,
An attitude flawless !!

-


Bibhuti Kumar S 11 JUL AT 22:18

मैं सोचूं तुझे, तू कौन है
एक ख़्वाब, सुगंध दिव्य व्याप्त है

मैं देखूं तुझे, तू कौन है
एक बहती नदी, एक ठहराव अद्वितीय है

मैं जानू तुझे, तू कौन है
एक गीत, फिर क्यों खामोशी ख़ास है

मैं समझूँ तुझे, तू कौन है
मेरी बुद्धि से परे, फिर क्यों यथार्थ है

मैं पुछु तुझे, तू क्या है ?
क्या मेरा होना भी एक एहसास है ?

-


Bibhuti Kumar S 11 JUL AT 0:18

It's not your weakness that you trust people easily,
You trust yourself blindly, that's the weakness.

-


Bibhuti Kumar S 10 JUL AT 13:22

है ये दुआ अब रब से यही, रहे ये एहसास ता-उम्र पास,
तू मिले या ना मिले, मैं यूँही रहूँ बनके तेरी शायरी "ख़ास" !!

-


Bibhuti Kumar S 9 JUL AT 21:07

कुछ तो है
जो छुपा रही हो,
हमने सुने है कईयों के अफ़साने
दफ़नाए दिल मे दास्तां-ए-गम पर
आंखों में साफ़ साफ़ झलक
अपेक्षा की तलब....
पर तुम उनसे अलग ही नजर आ रही हो
बातों ही बातों में इशारे कर रही हो,
कुछ तो है
जो है नही दफ़न पर बयां कभी हाँ
कभी ना कर रही हो...
सुनो! ये जो तुम यूँ मुस्कुरा रही हो
मेरी खामोशी में भी जवाब ढूंढ रही हो
क्या है बात! क्यों यूँ नजरे चुरा रही हो ?
क्यों मुझे पिघला रही हो ?

-


Bibhuti Kumar S 9 JUL AT 18:25

In the rhythm
of eagerness
to explore each
other's world
of poetic reality,
With no more
no less;
but you as you
Me as me,
Imperfectly perfect!

-


Bibhuti Kumar S 9 JUL AT 11:46

Are just like adversity and joy
Both complement each other


The first one does make you wander
Yes you heard it right,
Whereas joy lets you be tender
Only then you can gently fight
The odds, to get to the light.


And I found that moon in you
Which completes my sun of heart
This hope of wish yet to be fulfilled
But it's true, even your glimpse makes
me bloom despite all gloom.

-


Fetching Bibhuti Kumar S Quotes