चिंता करने से कुछ बदल नही जाता,
तकदीर में लिखा हुआ छूट नहीं जाता।
चाहे तुम कितना भी भागना चाहो उससे,
सामने जो खड़ा है वो दूर नहीं जाता।
बोझ जितना बढ़ाओगे तुम ही भुगतोगे,
कर्मों का हिसाब है ये कोई लूट नही जाता।
तुम पर निर्भर है ये कैसे चिंता मुक्त रहना
परेशानियों से डरके कोई मुकर नहीं जाता।-
16 SEP 2022 AT 10:39