26 NOV 2023 AT 11:21

ये पल जो की गुजर जाएगा,
कुछ इससे भी सीखा हमने।
और वो जो कल आएगा,
देखें वो क्या सिखलाएगा!!

है चेहरे पर मुसकान प्रखर,
पर तूफान गूंँजता है अंदर।
कि कौन यहांँ पर किसका है!
यह भेद कौन समझाएगा??

मन ही जाने क्या है मन में!
और प्रेम है मन का आभूषण।
बिकते हैं ये मोती-मनके,
किंतु दुर्लभ है प्रेम रतन।।

जो कोई एक भी ऐसा हो,
सुख-दुख,सब में ही साथ रहे।
हो राहों में तब लाखों कांँटे,
फिर भी जीवन हो एक उपवन।।

- AJ ✍️