सूरज ढक भी ले बादल,रोशनी!कहाँ जाती है?रातें सघन अंँधेरी हो,सुबह फिर भी आती है।। - AJ ✍️
सूरज ढक भी ले बादल,रोशनी!कहाँ जाती है?रातें सघन अंँधेरी हो,सुबह फिर भी आती है।।
- AJ ✍️