मन हर ओर चला जाता है,
मुझे ही छोड़ चला जाता है।
कभी गुजरा था जिन राहों से,
ये,हर वो मोड़ चला जाता है।
कभी मुसकान लेकर लौटे,
तो कभी मायूसी ढूंँढ लाता है।
फिर भी यादों की सब गलियों में,
ये सरपट दौड़ लगाता है।।- AJ ✍️
21 FEB 2025 AT 12:57
मन हर ओर चला जाता है,
मुझे ही छोड़ चला जाता है।
कभी गुजरा था जिन राहों से,
ये,हर वो मोड़ चला जाता है।
कभी मुसकान लेकर लौटे,
तो कभी मायूसी ढूंँढ लाता है।
फिर भी यादों की सब गलियों में,
ये सरपट दौड़ लगाता है।।- AJ ✍️