आहिस्ता चल जिंदगी, कई कर्ज चुकाना अभी बाकी है। इन राहों पे कई दर्द मिटाना अभी बाकी है। राहों पर चलते गिरते जो लोग मिले, उनको उठाना अभी बाकी है। ज़ख्मों के निशान जो है, उन्हें मिटाना अभी बाकी है। कितनों के अरमां को मंजिल तक पहुंचाना अभी बाकी है, रोते हुए लोगो को बहलाना अभी बाकी है। किस डगर तु आयी थी, कैसे तु जायेगी, ये गीत गुनगुनाना अभी बाकी है। लम्बी राहों पे, लम्बे-लम्बे डग भरने अभी बाकी हैं।
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Ashish Kr. Singh
(#theAshish)
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S!mply D!fferent
Joined 19 May 2019
23 FEB 2022 AT 19:40
29 JAN 2022 AT 6:44
If you will see deeply then you will find that life is a beautiful bloody bullshit.— % &
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27 JAN 2022 AT 16:32
Time n Pressure are two key factors to check the genuinety of the product, whether utensils or humans.— % &
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24 JAN 2022 AT 6:58
कभी कभी मेरा कंप्यूटर भी सोचता होगा
"INTEL INSIDE IDIOT OUTSIDE"-
23 JAN 2022 AT 6:41
Colors are beautiful. World is not afraid from colors but from changing colors.
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22 JAN 2022 AT 21:22
कोई सोता है चांद की ठंडक में सूरज की सुनहली किरणों से जागने को, वही कोई सोता है थोड़ी सी राहत पाने को इस दुनिया के मकड़जाल से..
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