Anil   (अनिल)
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जिस दिन लिखना भूल जाऊंगा, उस दिन जीना भूल जाऊंगा।
Joined 22 October 2017


जिस दिन लिखना भूल जाऊंगा, उस दिन जीना भूल जाऊंगा।
Joined 22 October 2017
Anil 8 HOURS AGO

एक दो बन्द से रोशनदान है
कुछ खराब, कुछ पुराना सामान है,
चद्दरें है कुछ फटी हुई सी
बिजली की तारें है मगर कटी हुई सी,
धूल, सीलन दीवारों की हमराज़ है
बरसों अकेले रहकर मानो ख़ुद से ही नाराज़ है,
तेरे हाथों खुला था जो ताला, बन्द हुए उसे कई साल हुए
तेरे जाने के बाद मेरे दिल के कमरे के ये हाल हुए,
बारिश की बूंदे छत से रिसने लगी हैं
नरम मुलायम फर्श की चमक भी अब घिसने लगी हैं,
दरवाज़े में बढ़ते सुराखों में से जब किसी ने
झांक कर अंदर देखने की कोशिश की है,
ये दर्द, ये उदासियाँ देख
जल्द ही वहाँ से भागने की कोशिश की है,
बंजर है, वीरान है
एक अरसे से सुनसान है,
मैं तो अब आदी हो गया इन गूंजती आवाज़ों का
सांसे चल रही है महज़, लिहाज़ है दुनियां के कुछ रिवाज़ों का,
जाने कब वो क़यामत की रात आएगी
जो इस खंडहर को नेस्तनाबूद कर जाएगी...

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Anil 9 HOURS AGO

मैं तेरे कदमों के निशानों से
दूर तलक तुझे खोजता रहा,
अरसा गुज़र गया, तू भूल भी गया होगा शायद मुझे
मैं आज भी हर शाम तुझे सोचता रहा,
तूने घर बसा लिया कहीं किसी और के साथ
और मैं पागलों की तरह खुद को
मुस्कुराने पर भी टोकता रहा,
वो पर्दे, वो खिड़कियां घर की मेरे
गीत गाती थी कभी सोहबत में तेरे,
उन बेगुनाहों को भी हवा के संग
मैं गुनगुनाने से भी रोकता रहा,
तिलिस्मी थी बेवफ़ाई तेरी और
मैं ख्वामख्वाह ही खुद को कोसता रहा,
तू सावन के झूलों में झूलती रही जिंदगी की खुशियां
मैं जुदाई की आग में खुद को यूं ही झोंकता रहा..

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Anil YESTERDAY AT 17:37

"दादा जी कहिन"

कैप्शन में पढ़े पूरी सीख..

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Anil YESTERDAY AT 17:00

ज़िस्म की चाह का
मोहब्बत की राह पर
एक छोटा सा दरवाज़ा खुलता है,
तुझे छूने का ख़्वाब
रात भर आँखों मे मेरी पलता है,
ना छू पाने की बेबसी में
अक्सर ये दिल जलता है,
तुझे महसूस नही होता ये सब
या के तू जताता नही है,
सुना है मैंने, ये आग लगती है दोनों तरफ
गलत हूँ मैं, या के तू बताता नही है,
खुशी के जगह बेबसी के आंसुओं ने ली है
और दावा है तेरा, तू मुझे रुलाता नही है,
ताज़्ज़ुब होगा तुझे भी बातो पर मेरी
किस तरह का आशिक़ है
किसी भी एहसास को छुपाता नही है,
ये घण्टो बातें फोन पर करना
अकेले में फिर यादों की आहें भरना,
कुरेदता है ज़ख्म मेरी जुदाई के
तरीका ये दिल को सहलाता नही है...

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Anil YESTERDAY AT 12:06

मेरी पलकों के तालें शायद पुराने हो गए
या ख़्वाब तुम्हारे इन आँखों मे कुछ सयाने हो गए,
मैं लाख छुपाना चाहूँ ज़माने से मगर
ज़िक्र ए बाज़ार मोहब्बत के फ़साने हो गए,
वैसे कुछ ख़ास बुरा लगता भी नही हमें
एक तो तुझसे नाम जुड़ा, दूजा मशहूर हम भी इसी बहाने हो गए,
तुम क़ैद रखते रहो इश्क़ को यूं ही दिल मे
हमारी मुलाक़ातों के गवाह शहर भर के ठिकाने हो गए,
कोई बदनाम, कोई शराबी समझता रहे मुझको
उनकी आंखों में अब हमारे मैख़ाने हो गए,
ये इस उस जनम की बात नही
क़यामत से क़यामत तक हम उसके दीवाने हो गए...

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Anil 14 AUG AT 12:24

अजीब अंदाज़ है तेरी मोहब्बत का भी
जवाब मालूम है, फिर भी तू सवाली कैसे है,
जगाये रखा तमाम रात बातों से अपनी
और सुबह खुद ही पूछा, आँखों मे ये लाली कैसे है..

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Anil 14 AUG AT 11:35

पत्थर की मूरत में भी सनम दिखने लग जाता है
जब इंतेहा ए मोहब्बत में कोई "मीरा" हो जाता है,


दुनियाँ की भीड़ में कुछ अलग चमकने लग जाता है
जब दर्द ए उल्फ़त में तप कर कोई "हीरा" हो जाता है..

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Anil 14 AUG AT 11:03

रात भर जल कर बाती की तरह
बाहर से राख़, अंदर से हीरा हो जाता,
ना पाने की चाह गर होती इतनी आसाँ
तो मोहब्बत में हर कोई "मीरा" हो जाता...

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Anil 14 AUG AT 10:32

तुम्हारें अधरों से निकली कविताओं को
कृष्ण की बांसुरी समझ खो जाऊं,
तुम रहो किसी राधा के प्रेम में मुग्ध
मैं तो बस तुम्हारे मोह में "मीरा" हो जाऊं..

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Anil 11 AUG AT 17:39

गानों की तासीर भी वक़्त के मुताबिक अलग अलग असर दिखाती है, आज मुद्दत बाद खुद का वो पहले वाला चेहरा तलाशने की कवायद में कुछ उसी अंदाज में इतवार बिताना चाहा, गाने सुनते सुनते कमरे की सफाई करना, सब कुछ सलीके से जंचा कर बेसब्री से तुम्हारा इंतेज़ार करना।
जगजीत सिंह तो जैसे बने ही आशिक़ों के लिए थे, "तेरे आने की जब ख़बर महके, तेरी खुशबू से सारा घर महके".. लगातार बार बार तुम्हारे ना आने तक बस यही एक गाना सुनने का वो दौर ज़ेहन में धुंधला जरूर गया मगर मिटा नही है। अपने कमरें में खाली बोतलों के सिवा साफ करने को वैसे भी है ही क्या, अब गाने भी सेलेक्टेड सुनने के दिन ना रहे, दोपहर का समय और सफ़ाई दोनों बेहतर ही चल रहे थे, कि अचानक सारेगामा कारवां पर आशिक़ी के सरताज़ ने सुर पकड़ा, "तेरे आने की जब ख़बर महके...."
कुछ देर दरवाज़े को निहारता रहा, पर कोई नही जो आने वाला हो, सफाई फिर कभी सही, पहले इन खाली बोतलों की तादाद में एक गिनती का इज़ाफ़ा और किया जाए...

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