बरसाती नालों के पास बैठ कर समंदर की लहरों की बात करते हो,औकात तो तुम्हारी हम कब से जानते है,
कभी हमें मौका दोगे तो याद दिला देंगे।-
Kabhi chaha nhi ki kisi ko takleef pahunche,
Pr kabhi kabhi asaliyat ka sheesha dikhana padta hai
कभी चाहा नहीं को किसी को तकलीफ पहुंचे,
पर कभी कभी असलियत का शीशा दिखाना पड़ता है।-
If you can't fight for your own happiness,
Then there is no reason to fight at all.-
मेरे दुख में जो दुखी हुआ वही तो बस अपना हुआ,
मेरी खुशी से जो खुश नहीं मेरे लिए वो कुछ नहीं।।-
कोशिश करो की दूसरो की खुशी में भी खुश होना सीखो, वर्ना इक दिन दूसरे अपनी खुशी में शामिल करना ही छोड़ देंगे।।।
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लिखते लिखते एक दिन ऐसा आया,
मैंने खुद को खुद में ही ना पाया।
समझने को दुनिया पढ़ी बहुत किताबें,
जो समझना था वो कभी कोई लिख ही न पाया।
सिमटा सा हूं मैं अपनी कश्मकश में,
जो कहना था वो कभी कह न पाया।
सोचता था समझते हैं वो भी हमें अमित,
पर सोच के परिंदों पर कभी काबू न पाया।
लिखते लिखते एक दिन ऐसा आया,
मैंने खुद को खुद में ही न पाया।।।-
ले ज़िन्दगी हमने भी बदल दिए जीने के असूल,
अब जो याद करेगा वही याद रहेगा।।-