Akhand Pratap Singh   (@yourakhand)
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Joined 6 July 2020


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18 JAN AT 13:47

उनका वक़्त बेवक़्त रूठ जाना भी जायज लगेगा,
खामोश रहोगे तुम,और उनका तुमपे बेवजह चिल्लाना भी जायज लगेगा।
कमबख्त इश्क़ चीज ही ऐसी है दोस्त,
कत्ल होगा तुम्हारा उनके ही हाथों,फिर पलट के उनका मुस्कुराना भी जायज लगेगा।।

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12 JAN AT 22:56

यहां हर मन में है एक कोना,जिसमे छुपी है एक कहानी
कहीं ना कहीं हर किस्से में की है सबने खुद से एक बईमानी,
ना किसी ने हार ही है मानी,ना ही लड़ने कि है किसी ने ठानी।

यहां हर एक मन में है एक कोना,जिसमे लिखी है एक कहानी
बिना शब्दों कि एक किताब जिसकी श्याही,आँखों का पानी।

यहां हर एक मन में है एक कोना,जिसमे जली है एक कहानी
तक़लीफ़ हुई जलने से जिसके पर राख से भी मिली सुकून रूहानी।

यहां हर एक मन में है एक कोना,जिसमे अमर है एक कहानी
हर मोड़ पे शायद याद आये जिसके किरदारों की नादानी।।

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31 DEC 2020 AT 21:43

कहीं फिर आग लगी होगी,
किसी का चाँद आज खोया होगा।
कहीं रिस्ता आज टूटा होगा,
किसी का भाग्य आज सोया होगा।
कहीं फिर कोई हारा होगा,
किसी का वक़्त आज रोया होगा।।

पर सूर्य पुनः उदय होगा,
आग का अब न भय होगा।
रिस्ते नए फिर बनेंगे,
नही हार से अब प्रलय होगा।
आज आँशु निकल जाने दो,
कल से तुम्हारा समय होगा।
त्याग दो बस कुछ आदतें,
फिर यक़ीन मानो विजय होगा।।

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20 DEC 2020 AT 20:17

मैं भीड़ में अकेला हूँ
या पूरी भीड़ ही अकेली है ?

सवाल तो आसान लगता है,
पर जवाब खुद में एक पहेली है।।

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22 NOV 2020 AT 1:17

प्रॉब्लम कितनी भी बड़ी हो उसे शेयर हम मजाक में ही किया करते है।
हम गर्लफ्रैंड से ज्यादा प्यार अपने दोस्तों से किया करते है।
बताते नही कभी उनको ,पर वो भी ये खूब समझते है।
अजी हम लड़के है,
दिलो की बातें जुबाँ से नही करते है।।

उनकी गालियां सुन कर अक्सर सुकून से सांस भरते है।
पीटते रहते है हम एक दुसरो को हमेशा पर,
कद्र भी हम खुद से ज्यादा दोस्तों कि किया करते है।
बताते नही कभी उनको पर वो भी ये खूब समझते है
अजी हम लड़के है
दिलों कि बातें जुबाँ से नही करते है।।

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21 NOV 2020 AT 17:51

अच्छे अच्छे लोग यहां अक्सर बदल जाए करते है,
जब दुसरो के घर मे लगी आग बुझाते बुझाते
उनके कच्चे मकान जल जाया करते हैं।

बहुत तकलीफ़ देती है कुदरत उनलोगों को
जो वक़्त के सांचे में ,जल्दी नही ढल पाया करते है।

बस एक गुज़ारिश है ,ऐ दोस्त आज तुमसे
वक़्त रहते खुद को संभाल लेना,
भावनाओ में मत बह जाना
आग बस्ती की बेशक बुझाना, पर उससे पहले
अपने कच्चे मकान की छत पे पानी डाल लेना।।

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16 NOV 2020 AT 0:18

वो उनके मूड सविंग्स थे ,समझ जाता तो शायद आज बात कुछ और होती,
पर बात इतनी सी है कि उस वक़्त ये समझ जाता इतना समझदार नही था मैं।

वादा तो किया था मैंने भी कि खुश रखूंगा हमेशा उसे,
पर सिर्फ खुशियां ही मिले जिस बाजार में,
वक़्त ने बताया वो बाजार नही था मैं।

बेशक रोई होगी वो दूर जाकर मुझसे,
पर सच ये है कि उस रोज गुनाहगार नही था मैं।

एक दिन पहले तक तो सब कुछ ठीक ही चल रहा था,
फिर अचानक उसे लगा कि उसका प्यार नही था मैं।

बोला उसने कि पूछो जो पूछना है तुम्हे इस बारे में
पर इतना तो समझ आ ही गया था कि अब उससे कुछ पूछने का हक़दार नही था मैं।

चलो मान लेते है कि जो हुआ अच्छा हुआ अतीत में,
पर सच मे उस चीज के लिए कभी तैयार नही था मैं।

खैर कुछ अच्छा ही सोचा होगा उसने जाने से पहले,
आखिर पूरा किस्सा था सिर्फ कोई किरदार नही था मैं।।



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27 OCT 2020 AT 22:58

We all are walking on a simple street
Where guide is no one else, it's our greed.

It's like an endless battle of time vs need.
Where we think failure is our ultimate enemy and achievement is our inner peace.

Somehow we all are running for fame.
But deep down we all know, our destination is same.

Sometimes we stuck somewhere and reason is nothing , it's only
our deeds .
And then emerges out in our mind,
a temporary but dark black seed.

Then relax, calm down, Don't be afraid like a kid.
Actually nobody really cares for you,creep or run.
Matters only one thing here, is to have somehow a little bit of fun.

So just take out that seed, roll it like weed,
Smoke it out because you are no more a kid.
Yeah, it's true you are no more a kid.

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17 OCT 2020 AT 1:27

अगर ये हमें, डुबाती है
तो तैरना भी यही सिखाती है।

ख्वाइशों के खेल में
हमे अक्सर ये बड़ा नचाती है।

आज अगर ये चाहिए इसे
तो कल उसकी भी मांग उठाती है।

कभी जीत कर हराती है
कभी हार कर जिताती है।

पर दोस्त,जिंदगी हर बार हमें
एक नई सीख दे जाती है।।

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12 OCT 2020 AT 22:30

नगर के नजदीक
नदी में एक नाव पर
इसी नरलोक में
निडर सा एक नाविक ।

निर्यात के नशे में
नीले नदी में
नीलम को ढूंढता
निश्छल सा वो नाविक।

नियति के निर्णय में
निष्ठा दिखाता पर
निरश जीवन मे
नीरज खिलाता वो नाविक।

निराश है आज पर
निश्चय भी किया है
नित नीलम की खोज में
निकल जाता वो नाविक।।

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