Ajay Bhujbal   (अजय भुजबळ @abp_shiva)
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Joined 9 April 2018


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28 JUN 2024 AT 0:30

अक्सर कुछ सवालों के जवाब ढूंढता हूं मैं
सच तो यह है कि जवाब तुम्हारे पास है
और मेरे सवाल भी न जाने कितने दिनों से
जेवर की तरह गिरवी तुम्हारे पास है।

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14 APR 2024 AT 2:05

यूं मेरे जिंदगी का तमाशा देखते हे लोग
बशर्ते यूं कटती हुई राज़-ए-इम्तिहान
मेरी जिंदगी समझ नहीं आती उन्हें .....
- आज़ाद परिंदा

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23 MAR 2023 AT 23:30

हामारे बिते हुए कल का , हम पर हमेशा थोड़ा
ज्यादा हक होता है हमारे वर्तमान से...!
बीते हुए लम्हें, वह घड़िया गुजर जाती हैं,
लेकिन दिलो-दिमाग में एक घर बना जाती है...!
#आज़ाद_परिंदा #मुक्त_पक्षी

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23 MAR 2023 AT 23:29

हामारे बिते हुए कल का , हम पर हमेशा थोड़ा
ज्यादा हक होता है हमारे वर्तमान से...!
बीते हुए लम्हें, वह घड़िया गुजर जाती हैं,
लेकिन दिलो-दिमाग में एक घर बना जाती है...!
#आज़ाद_परिंदा #मुक्त_पक्षी

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15 NOV 2022 AT 11:25

गायब,गुमनाम, गुमशुद, लापता,
या खो जाऊं, आखिर क्या हो जाऊं
बताओ तुम ही मैं कहां जाऊं....
`` ©-आज़ाद परिंदा ``

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27 SEP 2022 AT 19:03

व.पु. काळे म्हणतात माणूस सहजतेकडे जितका झुकेल तितकाच मुक्त होईल मुक्ती हाच आनंद..!

"मला वाटतं मनुष्य जिवनात नम्रपणा आणि आवश्यक वेळी नम्रपणे झुकणं फार गरजेचे आहे. त्यामुळे मनुष्य जिवनात झुकता आलं पाहिजे. काही व्यक्ती मुद्दाम आपल्या बदल पुर्वग्रह दुषित ठेवत असतील तर तो त्यांच्या स्वभावाचा भाग, अनावधानाने माणूस चुकतो ते सहाजिकच आहे जिथं चुक झाली तिथे मी ती चुक मान्य करतो आणि तसं करणं हा देखील माझा स्वभाव, तो गरजेचा आहे. व्यक्तिगत रित्या मला मुद्दाम कुणासमोर झुकता येत नाही आणि चुकी नसताना कुणाची एखादी धारणा किंवा खोटी गोष्ट मला मान्य देखील करता येत नाही. मात्र एक नक्की नम्रपणा गरजेचा मात्र चाटुकारिता नको, योग्य व्यक्तीच्या समोर नम्र असणं आवश्यक त्याशिवाय आनंद आणि मुक्ती नाही."
#रोजनिशी #स्वानुभव
@Ajay Bhujbal

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7 AUG 2022 AT 11:55

कोशिशें मत किया करो मेरी हसींका राज़
जानने की इन्हें राज़ रहने दो...!
कहि राज़ ढूंढते ढूंढते मेरी जिंदादिली बेरंग
ना हो जाए जख्म -ए-जिंदगी के मोड़ पर...!
©✍️ Ajay Bhujbal


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5 AUG 2022 AT 12:51

दिल में मंज़र हैं कई, हंसी ने दर्द छुपा दिया
नमी आंखों ने मेरी हंसी को सिला दिया
सुकून दिलकश हों ना हो साथी, सोचा ना था
बै-लौस दोस्ती में हंसी का बडा मजा लिया
✍️- © Ajay Bhujbal #आज़ादपरिंदा
#मुक्तपक्षी #फिरस्ती




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4 AUG 2022 AT 22:25

ज्यांच्या वागण्यात खोटेपणा असतो ती माणसं स्वत:च्या आयुष्यात मोठेपण आणि खरेपण सिद्ध करण्यास असमर्थ राहतात...!

#आज़ाद_परिंदा #मुक्तपक्षी #फिरस्ती
©Ajay Bhujbal

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30 JUL 2022 AT 0:39

न जाने क्यों जब घनघोर बेचैनी के बादल छाए ।
सब उलझा उलझा बिखरा बिखरा नजर आए ।
फिर आप ही बताएं, उस वक्त क्या किया जाए ।
पता नहीं चलता कभी कभी क्या हो जाता है,
दिल को हम भी इस उलझन से बाहर ना निकल पाए।
ना कितना भी सुहाना हो मौसम फिर भी यह बेचैनी बरकरार ही रहती दिल को सताती चली जाए फिर आप ही बताएं आखिरकार खुद को कैसे संभाले
रखने की कोशिश और तरकीब को खोजा जाए...?
#आज़ाद_परिंदा #बात_जुबान_पर
© - Ajay M. Bhujbal

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