रात सड़कों पर कुछ और होती है
आसमान चुप होता है मगर सब
रौशन हो चुके होते है और दरिया
शांत बहा करती है इनके बीच नज़र
आता है एक रोशन शहर-
Abraam Saifi
(Muhaaz-rin)
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हमारी तुलना आतंकियों से ना किया कीजिये हम मजहब मुसलमान है
हम सुन्नी और अमन मुसलमान है
हम सुन्नी और अमन मुसलमान है
Joined 15 February 2018
19 MAR 2023 AT 19:46
4 NOV 2022 AT 10:54
Hum khud ki galtiyon ki
Saja maa-bap ke de rahe hai
Koi dusra bol jata hai hum
Maa se ladte kyunki hum
Bap se darte hai
Humne galtiyan ki hum
Nakam rahe roj sharminda
Hote hai baher
Hum roj lad rahe hai hum apna
Gussa maa pe dikhate hain-
1 NOV 2022 AT 13:09
Tum Janna chahte ho prem
Jao main Aakhiri chhan tak
tumhara Intezar karungi-
29 JUL 2022 AT 12:20
सोचता हूँ इस्तीफ़ा दें दूं अपने काम से
अपने फर्ज से, मगर जिम्मेदारी और
मजबूरी, मजबूर करती है करने के लिए-
7 JUL 2022 AT 11:20
उसने बताया मुझे, मुझे पसंद
करने का सबब
मैं फिर से उसका मुन्तज़िर हूँ-
3 JUL 2022 AT 0:24
स्त्रियाँ नही चाहती कोई पुरूष उन्हें हब्स से देखे
और उन्हें स्पर्श करे
वे चाहती हैं सम्मान,और प्रेम,और उन्हें
चाहने वाला आदर्श पुरुष-
25 JUN 2022 AT 0:32
तुम उसे बेहया लाये शान से
उसे छूने से पहले जान लेते उसका
हृदय और मन और उसका प्रेम-