अपनी सुबह की शुरुआत आइसक्रीम से कीजिये
आत्मविश्वास
इच्छाशक्ति
सकारात्मक दृष्टिकोण
क्रियाशीलता
महत्वाकांक्षा-
गजाननाय महसे प्रत्युहतिमिरच्छिदे।
अपरकरुणापूरतरङ्गीतद्दशे नम:।।
।।गणाध्यक्षाय गणराज्याय नमः।।
स्वातन्त्र्य दिवसस्य शुभाषया::-
जब व्यक्ति की बुद्धि सदैव दूसरों को यश देने वाली बन जाती है तब वह ""यशोदा"" कहलाती है और व्यक्ति का मन जब दूसरों की निंदा रहित हो जाता है तब वह नन्द बन जाता है तब इन्द्रियों के स्वरूप ""गोकुल""(शरीर) में आनन्द रूप में श्री कृष्ण का प्राकट्य होता है .....और हम झूम के गाते हैं ...........................नन्द घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की ......जय श्री कृष्ण .......आप सभी को , परिवार , इष्ट मित्रों सहित आप सभी के साथ राष्ट्र के अभ्युदय की मंगल कामना के साथ जय श्री कृष्ण .......पंडित अभिषेक जोशी एवं परिवार
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सन्यासियों की जन्म कुंडली नहीं देखी जाती, क्योंकि सन्यास से पूर्व वह अपना पिंडदान कर चुके होते हैं। वहां उनकी दीक्षा कुंडली (नवीन जन्म) कार्य करेगी।
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कामादिसर्पव्रजगारुडाभ्यां, विवेकवैराग्यनिधिप्रदाभ्याम।
बोधप्रदाभ्यां द्रुतमोक्षदाभ्यां,
नमो नमः श्रीगुरूपादुकाभ्याम।।
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*शुक्ल पक्ष में एकादशी सूर्य मण्डल से चन्द्र मण्डल की निर्गम रूप एकादश कला है व कृष्ण पक्ष में चन्द्र मण्डल की सूर्य मण्डल में प्रवेश रूप एकादश कला है इस दिन जठराग्नि मन्द रहती है तथा शरीर विज्ञान के अनुसार जल तत्व की आवश्यकता अधिक रहती है इसलिए एकादशी व्रत को महत्वपूर्ण मानकर अन्न व गरिष्ट पदार्थो का त्याग किया जाता है*
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राम का अर्थ है तारने वाला === रा का अर्थ है राष्ट्र और म का अर्थ है मंगल करने वाला
जिसके अंदर राष्ट्र के मंगल का भाव हो वही राम कहलाने के योग्य होता है-
ज्योतिषीय उपाय तभी सार्थक होते है जब चारित्रिक बल के साथ कर्म भी अच्छे हो।
मात पिता को कष्ट देकर उपाय करना स्वयं के साथ धोखा है-
ग्रहण की पुनरावृत्ति ६,५८५ दिन ४६ घटी व ४८ पल अर्थात प्रति १८ वर्ष १० वें या ११ वें दिन फिर वही ग्रहण होगा। ।
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