चंद्रशेखर आज़ाद नाम लिया जब-जब,
वीरता की मिसाल बन गए वो तब-तब।
देश की मिट्टी से जो प्यार किया सच्चा,
आज़ादी का सपना रच दिया तब-तब
खून से सींची आज़ादी की राहें,
सपनों में बसी मातृभूमि की बाहें।
गुलामी ज़ंजीरों को तोड़ा जब-जब,
आज़ाद गरज से कांपा दुश्मन तब-तब।- ©_अभिषेक चतुर्वेदी_अभि
24 JUL 2024 AT 22:52