मन में खिलता है सुमन, तन भी पुलकित होय। दिल बगिया खिलती गई, सुंदर फल हैं बोय।।- आभा दवे -
मन में खिलता है सुमन, तन भी पुलकित होय। दिल बगिया खिलती गई, सुंदर फल हैं बोय।।- आभा दवे
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