रोज रोज जलते हैं फिर भी खाक न हुए
अजीब हैं कुछ ख्वाब भी,जो बुझ कर भी राख न हुए-
Aakanksha Chaudhary
(आकांक्षा चौधरी)
4.2k Followers · 2.2k Following
🅞︎🅕︎🅕︎🅘︎🅒︎🅘︎🅐︎🅛︎ 🅐︎🅒︎🅒︎🅞︎🅤︎🅝︎🅣︎
💥YྂOྂUྂRྂ QྂUྂOྂTྂEྂ 💥
आपकी... read more
💥YྂOྂUྂRྂ QྂUྂOྂTྂEྂ 💥
आपकी... read more
Joined 11 March 2020
11 JUL AT 13:04
19 MAR 2024 AT 16:53
तोड़ देने चाहिए ऐसे रिश्ते...
जिसमें आप खुद टूट रहें हो!🍂-
14 MAR 2024 AT 12:33
जो "पौधे" संभाल कर रखे जाते है,,,
वे कभी "वृक्ष" नहीं बनते...!!-
27 DEC 2022 AT 12:31
सिर्फ़ लिबास ही मंहगा हुआ है
लोग तो आज भी दो कौड़ी के ही हैं!-
25 DEC 2022 AT 15:35
एक ही शक्स मेरी,,
दुआओं का "मेहवर" ठहरा...
वो मेरी सुबहो,मेरी शाम,
मेरी "कायनात" ठहरा......
दिल धड़कता है तो;
"धड़कन" में वही शामिल है....
वो मेरी रूह, में शामिल
"मेरी ज़िंदगी" ठहरा.........!!!-
21 JAN 2022 AT 9:50
शायद ही "कोई" पता कर पाए....
कितना "चाहती" हूं तुम्हे....!!-
7 JUN 2021 AT 13:32
सच्चा प्यार तभी मुकम्मल होता है;
जब वो भी हमें चाहने लगे,
जिसे हम बेहद प्यार करते हों!-