10 JUN 2019 AT 13:54


पीढ़ी दर पीढ़ी मिला ये ही गहना,
जो है उसमें ख़ुश रहना....
मुग़ल आए, संस्कृति नाश किया,
अंग्रेज़ों ने ना हमें जीने दिया,
पर क्यूँ किसी से कुछ कहना,
जो है उसमें ख़ुश रहना....
पाकिस्तान बना, हिंदू थे मरे,
चीन छीन रहा हमारी सरहदें,
पर हमें तो अपने घर में है रहना,
जो है उसमें ख़ुश रहना....
सब कुछ अपना छिन जाए तो,
सिर से छत भी हट जाए तो,
तो भी तुम अपने मस्त रहना,
जो है उसमें ख़ुश रहना....

- Aabha