अंकित कृष्ण  
595 Followers · 30 Following

read more
Joined 7 May 2018


read more
Joined 7 May 2018

उदासियाँ बेवजह नहीं होती हैं
अक्सर बेरुखी की छाप होती हैं
और ये बेरुखियाँ बेवजह नहीं होती हैं
दिल भर जाने पर अपने-आप होती हैं

-


26 likes · 2 comments

हे प्रेयसी, मेरी प्रियतमा
अचल श्रृंखलाओं के मध्य स्थित ऊंचे प्रपातों से गिरने वाली निर्बाध जलधारा
जिस प्रकार उपत्यका में भूमि के स्वनिर्मित कोमल स्वरूप लिए शिलाओं पर आती है और अपने साथ शीतलता की विशेषता जोड़ लेती है, ठीक उसी प्रकार
मेघ से स्फुटित अतिवेग वृष्टि कदाचित तुम्हारे ओष्ठ पर गिरकर प्रपातों की जलधारा के समान विशेषता जोड़ लेती है।
इसमें किंचित भी अतिशयोक्ति नहीं अपितु यह तो भिन्न-भिन्न क्षेत्रों से वाष्पित किये गए जल संग्रह के किन्ही कणों का नवसृजन एवं नवस्वरूप प्राप्त होने का प्रमाण मात्र है।
जिस प्रकार अवनि के स्थलमंडल में सतहों के पारस्परिक मेल अथवा घर्षण से उत्पन्न भूकंपीय आलिंगन में आये जीव-जंतु स्वयं को संतुलित करने में व्यर्थ ही उद्यम करते हैं,
ठीक उसी प्रकार,
हे प्रिये, सम्पूर्ण प्रक्रिया के सानिध्य में जब कभी तुम्हारे तरलित ओष्ठ पर ऊपरी ओष्ठ आकर एक सूक्ष्म घर्षण का अलभ्य दृश्य प्रस्तुत करते हैं तो द्रष्टा अर्थात मैं,अंत:मनः के उथल-पुथल में स्वयं को सहज करने की चेष्टा में पाता हूँ।

-


Show more
18 likes · 5 comments · 2 shares

संवेदनाएं आखिर होती क्यों हैं?
एक अबूझ पहेली-सी नज़र आती हैं।
मैंने कभी इन्हें प्रकट किया नहीं।
व्यर्थ के आडम्बर प्रशस्त किया नहीं।
कष्टकारी दिखाई पड़ती मुझे,
और बढ़ाने वाली होती हैं पीड़ा को।
विलम्ब से आये तो हरी-भरी कर जाएं,
बीते समय की पीड़ा को।
ये अस्तित्व में हैं तो केवल औपचारिकताओं से।
जुड़ी होती अपेक्षाएं दोनों ही पक्षों में समानता से।
अन्यथा पीड़ा तो मिट ही जाती है।
समय के अंतराल पर सिमट ही जाती है।

-


#संवेदनाएं 'और एक प्रहार'

#yqdidi #yqhindi #yqsahitya

16 likes · 1 comments · 1 share

दुआ करना भूल जाऊँ। तुम्हें,तुम्हारी फ़ितरत को।
यादाश्त जितनी अच्छी होगी, दर्द उतना ही ज्यादा होगा।

-


26 likes · 3 comments · 2 shares

हे प्रिये,मेरी प्रियतमा
तुम्हारे प्रेम में आसक्त मैं किसी विराट शिला के सम अचल,अडिग;
जिसकी अवस्था अनन्त काल तक निर्धारित की गई हो,
ऐसा मुझे प्रतीत होता है।
किन्तु हमारे प्रेम में हमारा क्षणिक संयोग एवं दीर्घकालिक वियोग
तुम्हारे प्रेम को क्षीण कर तुम्हें प्रेम में अनासक्त ना बना दे।
तुमसे चिर-विरह की कल्पना मात्र औ
मेरे अखण्ड हृदय में एक उथल-पुथल प्रारम्भ हो जाती है।
यदा-कदा धमनियों में प्रवाहशील रक्त की गति अनियंत्रित हो जाती है।
कदाचित मैं तुम्हारे प्रेम में डूबा असभ्य,
जिसे सभ्यताविदों के समान प्रेम करने का बोध ही नहीं,
अन्यथा मस्तिष्क हृदय से सम्बद्ध तंत्रिकाओं को संत्रस्त करने की चेष्टा भी नहीं करता।

-


15 likes · 1 comments

ओस की मंशा
कितनी स्पष्ट दृष्ट होती
रोज़मर्रा की धूप में
कहीं छांव मिले तो
ध्यान परिधि में लाना ओस को
वह निशा की आंखों की तरलता है
जो सर्द उदासियों के बढ़ जाने पर
धरा को सौंप आती
तृणों के मध्य प्रमाण स्वरूप
कि प्रभात बेला पर
सूर्य स्मरण करे
उसके लिए अगाध प्रेम को
तथा अवगत हो
अश्रु रूपी ओस में
प्रतीक्षित निशा की
छिपी हुई मिलन की आस से

-


27 likes · 10 comments · 4 shares

गलत कौन है
सवाल बेमतलब है
सही रहेगा क्या
यही ग़ौरतलब है
अनबन जड़वत हो
यह विकल्प नहीं
केवल मौन ही एक
वाज़िब संकल्प नहीं
मसले निपटे कहाँ
अपनी ताना-तानी में
कोई औचित्य नहीं अपने
विचारों की मेहरबानी में
क्षीण कर बैठे
सुनने की ताकत को
एक-दूसरे की
मीठी शिकायत को
इसलिए...
एक पहल जरूरी है
मैं करूँ या तुम
सुलह जरूरी है

-


Show more
21 likes · 4 comments · 4 shares

जाते-जाते
जब करीब से
गुज़रे तुम
लब मेरे हिले
पर अल्फ़ाज़
अंदर ही दब गए
जो कुछ वक्त और
ठहर कर जाते तो
इशारों ही इशारों में
कुछ बातें तो
जरूर हो जाती...

-


27 likes · 3 comments

आँखें तेरी इक सफ़र है
मैं मुसाफ़िर पसन्द किस्म का हूँ...

-


38 likes · 2 comments

हैं दूरियाँ भी अच्छी,बनाया करो
तड़प कर मोहब्बत बढ़ाया करो
मोहब्बत की सेहत गर बनानी है तो
सलीका ये बेहतर,आज़माया करो
हैं दूरियाँ भी अच्छी, बनाया करो

कभी पास आकर मनाया करो
कभी दूर होकर सताया करो
ओ मगरूर तजो तुम गुमां इश्क में
रूठे-रूठे ज़रा मुस्कुराया करो
हैं दूरियाँ भी अच्छी, बनाया करो

शिक़वे दिली तुम जताया करो
मगर जिक्र नज़रों तक लाया करो
मोहब्बत की कोई कसौटी नहीं
हो मंज़ूर जितना निभाया करो
हैं दूरियाँ भी अच्छी, बनाया करो

हसीं तुम अदा से रिझाया करो
ज़ख्म हो ना कि यूँ शरमाया करो
गहना शरम का कोई होता नहीं
बस निगाहे नशीली झुकाया करो
हैं दूरियाँ भी अच्छी, बनाया करो
तड़प कर मोहब्बत बढ़ाया करो

-


20 likes · 2 comments · 1 share

Fetching अंकित कृष्ण Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App