12 APR AT 1:43

वो कौन सा शख़्स जहाँ में है,
तलाश ना हो जिसे सुकून की।
वो भी कौन सा शख़्स है, जहाँ में,
नज़रें दो-चार हुई हैं जिससे सुकून की।
ये तो दिल ही जानता है आख़िर,
किस क़दर भटका है वो, इस कशिश में।
ये भी तो दिल ही जानता है ना,
क्या कीमत अदा हुई है, इस कोशिश में।
वो कौन सा शख़्स जहाँ में है ...

- Virag R. Dhulia