20 NOV 2020 AT 13:33

पहाड़ से भी ऊंचे इरादे हैं हमारे,
सूरज से भी ज्यादा प्रकाशित विचार हैं हमारे,
चांद से भी तेज सपने हैं हमारे,
इनके बीच जो ना समज आया,
यकीन मानो यकीनन मिट्टी में मिल जाएगा।

- Vandemataram