QUOTES ON #भरोसा

#भरोसा quotes

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2 FEB 2020 AT 20:41

भरोसा कर लिया है उसने तेरा,जिसने मेरा भरोसा तोड़ा था।
वो तेरे लिए दुनिया छोड़ रहा है,जिसने मेरा साथ छोड़ा था।
तुझसे उम्र भर का वादा वो क्या खाक निभाएगा.... जिसने.....
मेरे होते हुए भी किसी और से रिश्ता जोड़ा था।।
✍️राधा_राठौर♂

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27 MAR 2020 AT 8:35

'धारा' लगती नही कोई जिसपर
एक भरोसे का 'खून' होता है

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12 DEC 2018 AT 22:09

फ़िक्र मत कर बंदे, कलम कुदरत के हाथ है,
लिखने वाले ने लिख दिया, तक़दीर तेरे साथ है।
फ़िक्र करता है क्यों, फ़िक्र से होता है क्या,
रख खुदा पर भरोसा, देख फिर होता है क्या।।

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13 DEC 2018 AT 16:20

तेरी दुआओं में रहूंगी
तेरे सपनों में रहूंगी
तेरे हिस्से के सजे
हर किस्से में रहूंगी
तेरी राहों में रहूंगी
तेरी पनाहों में रहूंगी
बनकर मीठी-सी बात
तेरे रूह में रहूंगी
हां---------
मैं एक याद हूं
इसीलिए-------
खुबसूरत याद बन
तेरे दिल में रहूंगी

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11 MAY 2019 AT 13:29

अगर शक है तुमको हमारे प्यार पे
अगर ऐतबार नही तुमको हमारी
बातो पे तो आजमा के देख लो....
तुम मेरी वो अमानत हो जिसे मैंने
खुद से भी ज्यादा संभाला है
जैसे सिप में मोती.....
अगर फिर भी न हो ऐतबार
हो तुमको हमारे प्यार पे तो
बिखर जाएंगे हम जैसे टूटे
हुए फूल की पंखुड़िया....
चाहे आजमा के देख लो




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29 APR 2020 AT 11:46

वहीं करो जो दिल कहे ।
अपनी ज़िन्दगी पर सिर्फ अपना राज चलेगा ।
जिन में अकेले चलने का हौसला होता हैं, एक दिन उन लोगों के पीछे दुनिया चलती हैं ।

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3 AUG 2020 AT 17:52

हर रिश्ते में नींव की भांति होता ये भरोसा ,
टूटकर बिखर जाता हर वो रिश्ता
जिसमें शक होता जरा-सा ।
अक्सर बरसों लग जाते
जिस भरोसे को कमाने में,
धोखे या गलतफ़हमी से
कुछ क्षण भी नहीं लगते इसे गवाने में।।
🍁Anjna Kadyan🍁




रिश्तो की डोर से जो शिद्दत से जुड़ गया ,
फिक्र में उसकी फिर जीवन गुजर गया ।
फिक्र तो प्यार और मधुरता
का सूचक है रिश्तो में ,
स्वाभाविक ही उत्पन्न हो जाए
ये फ़िक्र अपनों की चिंता में।।
🍁Anjna Kadyan🍁

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2 FEB 2020 AT 22:29

बीते हुए शब्दों से बने काल्पनिक चरित्र पर
On a fictional character made of words

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12 DEC 2018 AT 14:35

वक़्त बदलेगा हालात बदलेंगे भरोसा रख,
साथ में लोगों के ख़्यालात बदलेंगे भरोसा रख ।
किसने देखा अदना भी हो जाये कल आला ,
ओहदे और मुक़ामात भी बदलेंगे भरोसा रख !

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21 NOV 2020 AT 12:10

कैसा?

जब सिकायतें खुद से ही हो!
इल्ज़ाम दूसरो पर कैसा।

जवाब खुद को ही पता ना हो !
किसी और से सवाल कैसा।

कमियाँ खुद मे ही हो!
दूसरो पर दाग कैसा।

विश्वास खुद से ही हट जाय!
किसी और पर भरोसा कैसा।




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