Sunny   (Écriture noire)
3.2k Followers · 130 Following

read more
Joined 21 January 2017


read more
Joined 21 January 2017
3 HOURS AGO

ज़िस्म से, रूह से, या गुलाब से हम,
तुमसे मिलें तो मिलें किस नक़ाब से हम।

-


YESTERDAY AT 19:32

तार कटा हुआ लैंडलाइन फ़ोन..!!!

(Read in Caption)

-


23 SEP AT 10:00

तुम शाम में मुलाक़ातों का दौर तो रखना, अलविदा कहने का नहीं!!!

(Read in Caption)

-


20 SEP AT 22:48

यूँ ना झाँको ग़रीब के दिल में,
यहाँ हसरतें बे-लिबास रहती हैं।

-


17 SEP AT 0:14

इतना ही कहेंगे हम इस इश्क़ को समझाने में,
तु इश्क़ में खुद को ढूँढ, न इश्क़ को ज़माने में।

-


11 SEP AT 23:26

तुम्हारा अपना हूँ, फिर तुम्हें गैर किसलिए दिखता हूँ,
तुम पढ़ते रहो इश्क़ मेरा, बस इसीलिए तो लिखता हूँ।

-


9 SEP AT 23:26

मैं मंजर-ए-इश्क़ बेहूदा देखता हूं, मैं इश्क़ को वफ़ा से जुदा देखता हूं।
लोग खुदा के आगे इश्क़ को मारते हैं और मैं मरते हुए भी इश्क़ में खुदा देखता हूं।

-


7 SEP AT 23:59

(Read in Caption)

-


5 SEP AT 17:02

उसे मुस्कराते अब कोई और देखता है,
चलो अच्छा है मुस्कुराना तो नहीं भूली।

-


4 SEP AT 0:01

ईक्रिचर और मच्छर
(Read in Caption)

-


Fetching Sunny Quotes