22 JAN 2020 AT 10:23

वो सुबह तेरी होगी,
वो तकदीर तेरी होगी,
जब होगा जयकारा,
वो नाम भी तेरा होगा।

कोई महान जन्म से न था,
चंद्रगुप्त भी खुद से बना,
मेहनत की थी किसी ने,
तभी वह कलाम बना।

लिखी सबने अपनी तकदीरें,
अमर बनी उनकी तस्वीरें,
अगर न होता उनमें जज्बा,
तो मराठा न उठाते शमशीरें।

- आवारा मन "शुभम्"