Shalini Sahu  
2.9k Followers · 192 Following

read more
Joined 7 July 2019


read more
Joined 7 July 2019
Shalini Sahu 17 HOURS AGO

देखा मैंने उसे मेरी नज़रें उस पर रुक गयीं,
हो जाये दोस्ती धड़कनें उसकी भी कह गयीं ...
पेन-पेपर के बहाने गुफ़्तगू होने लगी थी,
मैं भी उसके पास वाली बेंच पर बैठने लगी थी..
मोहब्बत हमारी टीचर को नज़र आ गयी,
वो आयी और हमें दूर बैठा गयी..
अब तो लब ख़ामोश थे मगर नज़रों से गुफ़्तगू होने लगी थी,
धड़कनें हमारी इक-दूजे के लिए धड़कनें लगी थीं..
यूँ ही बातचीत के सिलसिलो में वक़्त बीत सा रहा था,
स्कूल के साथ-साथ वो भी मुझसे छूट सा रहा था..
नज़रों की बातें अश्कों में बदल गयी थी,
स्कूल की यही याद दिल में दबी रह गयी थीं..


-


Show more
53 likes · 34 comments
Shalini Sahu 19 HOURS AGO

तुमसे ज्यादा वफ़ादार तो तुम्हारी यादें हैं,
ना कोई वादा था ना कोई कसम फिर भी हरदम साथ रहती हैं..

-


Show more
57 likes · 26 comments
Shalini Sahu 4 APR AT 21:34

जुड़ तो नहीं सकते वो ख्वाब तो क्यूँ उन्हें जोड़ा जाये..
उठाओ कलम चलो इन अश्कों को ही अब रोका जाये..

-


Show more
65 likes · 25 comments
Shalini Sahu 4 APR AT 17:53


दिल में जिसके तुम्हारे लिए प्रेम भाव और मान है,
वो नारी है उसके लिए सबसे बड़ा उपहार सम्मान है...

हो ग़र उसे इश्क़ जो तो कर देती समर्पित वो अपनी जिस्मो-जान है,
वो नारी है उसके लिए सबसे बड़ा उपहार सम्मान है...

सर्वस्व समर्पित रहती वो हर घर का रखती ध्यान है,
वो नारी है उसके लिए सबसे बड़ा उपहार सम्मान है..

-


62 likes · 24 comments
Shalini Sahu 3 APR AT 19:38

काबिल शायरा है वो शायराना मिज़ाज रखती हैं ,
अल्फाज़ो में उतार दे ज़िन्दगी ऐसा अंदाज रखती हैं ,
ऐ ख़ुदा बक्श दे उस को दुनिया की वो हर ख़ुशी
वजह से जिसके वो ख़ुद को बेज़ार लिखती हैं ....

-


Show more
75 likes · 36 comments
Shalini Sahu 3 APR AT 18:23

ज़िन्दगी के सफर में मेरे राही बन जाओ ना,
मैं कलम तुम स्याही बन जाओ ना...

-


82 likes · 26 comments
Shalini Sahu 3 APR AT 18:12

मैं कागज, कलम तुम
मैं एहसास, इश्क़ तुम...

-


65 likes · 22 comments
Shalini Sahu 3 APR AT 13:34

चाहना तो बुरा नहीं किसी को भी चाहो,
मगर प्यार पाना है तो उसी से करो जो तुमको प्यार करता हो .

-


59 likes · 16 comments
Shalini Sahu 3 APR AT 11:43

हमने तो दोस्ती के लिए हाथ बढ़ाया,
ना जाने कब बेइंतेहा इश्क़ हो गया...

-


Show more
56 likes · 14 comments
Shalini Sahu 2 APR AT 16:31

कंधे पर बच्चे हाथों में इक पोटली है,
शख्श वो भूखा है आँखों में नमी है...

कोरोना का पता नहीं पर भूख से मरे जा रहा है,
वो मजदूर है और मजबूर भी बस चले जा रहा है...

घर पहुंच जाए बच्चों का पेट भर जाये यही आस किये जा रहा है,
देखो वो मजबूर मजदूर मीलों-मील बस चले जा रहा है...

शहर आया था चंद सिक्कों की चाह में देखो भूख लिए गांव लौट जा रहा है,
मजबूरियों को आँखों में छिपाये वो मजदूर बस चले जा रहा है..

हर कोई घर में बैठा बोर हो रहा है,
वो मजदूर है आज भी चले जा रहा है..

-


58 likes · 26 comments

Fetching Shalini Sahu Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App