Shalini Sahu  
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Joined 7 July 2019


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Joined 7 July 2019
Shalini Sahu AN HOUR AGO

सोचा आज की चलो कुछ लिखते हैं
एक अरसा सा हो गया था
जज्बातों को अल्फाज़ो में बुने
फिर सोचा,
चलो उसको सोचते हैं जिसने इस जहां को सोचा
एक नाकाम सी कोशिश करते हैं
क्योंकि उसकी खूबसूरती तो बयां हो ही नहीं सकती
कितना खूबसूरत होगा वो खुदा
जिसके नूर से दुनिया चलती है
जिसका नूर सुबह धूप बन के बरस जाता है
और रात चाँद तारों की आगोश में गुजर जाती है
नदियों की कलकलाहट, भवरो का गुंजन, तितलियाँ, मोर
बेवक़्त बारिश, बिजली का गरजना, ये खुला आसमां
ये बेवजह हवाए, वो फूल, वो चाँद और तारे..
कितना खूबसूरत है ना ये सब
अरे,
उसकी ख़ूबसूरती में मैं इतनी डूब गयी
कि उसकी अनोखी रचना तो भूल ही गयी
"मानव"
तेरा तहे-दिल से शुक्रिया ऐ रब तूने मुझे इंसान बनाया
दुनिया दिखाई सुख-दुःख के रंग अपने-पराये, ज़िन्दगी का हर पड़ाव
वो नन्हा सा प्यारा सा बचपन, खिलखिलाती सी ये सारी उमर..
तेरा शुक्रिया ऐ रब तेरा शुक्रिया
"तू नूर है तू खुदा है, तुझसे ना कोई जुदा है,
तेरी रहमत है मेरी ज़िन्दगी, इसलिए मेरी ज़िन्दगी ही मेरा खुदा है "

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Shalini Sahu 11 NOV AT 21:39

मंदिर के बाहर बैठे थे ना जाने कितने दिनों से भूखे वो
और हम तुझे छप्पन भोग चढ़ा रहे थे,
सुन ना खुदा हम फिर भी खुद को इंसान बता रहे थे..
ठंड से ना जाने कितनो की जान निकल रही थी
और हम मजार पर चादर चढ़ा रहे थे,
सुन ना खुदा हम फिर भी खुद को इंसान बता रहे थे..

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Shalini Sahu 9 NOV AT 11:45

इश्क़ इबादत है तो शिद्दत कैसे ना हो,
हम देखे आँखों में तुम्हारी तो इश्क़ में बरकत कैसे ना हो,
तुम कहते हो मोहब्बत कम करे हम
ख्वाहिशे पूरी हो तो यकीन कैसे ना हो

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Shalini Sahu 8 NOV AT 19:26

धड़कने चलती नहीं जिसके बगैर,
नादान दिल उसी से रूठा हुआ है...

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Shalini Sahu 8 NOV AT 14:30

तेरे संग जिए जो पल वही तो ज़िन्दगी है,
बाकी उमर का क्या वो तो चलती रहती है....

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Shalini Sahu 7 NOV AT 22:12

वो शाम गुजर रही थी
बारिश की बूँदे भी हमारे साथ चल रही थी
आँखों से गुफ़्तगू हमारी लगातार हो रही थी
तेरे लब मेरे माथे को चूमने ही वाले थे
तभी एहसास हुआ मै तो दिन में भी ख्वाब देख रही थी..
तेरी बाहों में वो शाम...

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Shalini Sahu 7 NOV AT 14:09

वहम ना रखना रहम चाहते है,
हम तो खुदा से भी सिर्फ अपने हक की चाहत रखते है...

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Shalini Sahu 6 NOV AT 11:11

सुनो,
वो जो संजोये थे सपने, वो अब पूरे होने लगे है..
धीरे-धीरे ही सही मगर अब वो मेरे होने लगे है...

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Shalini Sahu 4 NOV AT 22:19

चाहत नहीं है मुझे हीरे-जवाहरात की,
मैं तो बस आयत होना चाहती हूँ तेरे ज़िन्दगी के कुरान की..

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Shalini Sahu 3 NOV AT 19:25

मैं ख़्वाबों में भी सिर्फ तेरे ही ख्वाब बुनती हूँ,
दिल की धड़कनो में आवाज तेरी सुनती हूँ...
मंजिल की बात दूर, मै रस्ते भी तेरे साथ वाले चुनती हूँ
बयां नहीं कर सकती तू क्या है मेरे लिए,
बस जान ले जाना तू दिल की बात इतना सी,
मेरी धड़कनो को मै तेरी साँसो के संग लिए चलती हूँ.
तेरी बाहों के सुकूँ को ही मै जन्नत कहती हूँ..
तेरी आँखों में छिपे हर जज़्बात मै पढ़ती हूँ..
ये जो चलती है ना मेरी धड़कने तेरी धड़कनो के संग,
इसे ही मैं दुनिया की सबसे खूबसूरत बात लिखती हूँ..

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